सर्वनाम किसी कहते है ?परिभाषा ,भेद ,उदहारण |sarvanam kise kahate hain?

सर्वनाम किसी कहते है ?sarvanam kise kahate hain? 

अतएव, सर्वनाम वैसे शब्द हैं, जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं। उक्त वाक्यों में ‘वे’ और ‘उनसे’ सर्वनाम हैं। सरल शब्दों में  जो विकारी उत्पन्न उस  शब्द को सर्वनाम कहते है, जो पूर्वापरसंबध से किसी भी संज्ञा के बदले आता है।  और आगे हम विस्तार पूर्वक हम सर्वनाम  के कितने प्राकर होते है उसे जानेगे ?

”सर्वनाम संज्ञाओं की पुनरावृत्ति को रोककर वाक्यों को सौंदर्ययुक्त बनाता है।”

नीचे लिखेवाक्यों को ध्यानपूर्वक देखें-

1. पेड़-पौधे प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया के दरम्यान ऑक्सीजन मुक्त करते हैं।
2. पेड़-पौधे पर्यावरण को संतुलित बनाए रखते हैं।
3. पेड़-पौधे विभिन्न जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं।
4. पेड़-पौधे भू-क्षरण को रोकते हैं।
5. पेड़-पौधों से हमें फल-फूल, दवाएँ, इमारती लकड़ियाँ आदि मिलते हैं।

अब इन वाक्यों पर गौर करें-

1. पेड़-पौधे प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया के दरम्यान ऑक्सीजन मुक्त करते हैं।
2. वे पर्यावरण को संतुलित बनाए रखते हैं।
3. वे विभिन्न जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं।
4. वे भू-क्षरण को रोकते हैं।
5. उनसे हमें फल-फूल, दवाएँ, इमारती लकड़ियाँ आदि मिलते हैं।

आपने क्या देखा ? प्रथम पाँचों वाक्यों में संज्ञा पेड़-पौधे’ दुहराए जाने के कारण वाक्य भद्दे हो गए जबकि नीचे के पाँचों वाक्य सुन्दर हैं। आपने यह भी देखा कि ‘वे’ और ‘उनसे’ पद ‘पेड़-पौधे’ की ओर संकेत करते अतएव, सर्वनाम वैसे शब्द हैं, जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं।
उक्त वाक्यों में ‘वे’ और ‘उनसे’ सर्वनाम हैं।

मूलतः सर्वनामों sarvanam  की संख्या ग्यारह है—

मै, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कौन, क्या, कोई और कुछ ये सभी मौलिक सर्वनाम कहलाते हैं। जब इन पर कारक-चिह्नों का प्रभाव पड़ता है, तब ये यौगिक रूप बन जाते हैं ।

जैसे-

मौलिक सर्वनाम  :मैं
यौगिक सर्वनाम  : मैंने, मुझे, मुझको, हमें, हम, हमको, मेरा, मेरे, मेरी, मुझमें, मेरे लिए इत्यादि ।

नोट : सर्वनाम के यौगिक रूपों की चर्चा कारक-प्रकरण में हो चुकी है।

नीचे लिखे वाक्यों के खाली स्थानों में कोष्ठक में दिए गए सर्वनामों के यौगिक रूपों को भरें—

(वह)लड़के का व्यवहार बहुत अच्छा नहीं है।
आप नाम और पता जान सकता हूँ?
मैं आपका नमक खाया है, गद्दारी कैसे करूँगा।
मैं लगता है कि वह स्टेशन पर ही ठहर गया है।

सर्वनाम के कितने भेद होते है ? sarvanam ke bhed 

सर्वनाम के भेद –सर्वनाम छह प्रकार के होते हैं –

1. पुरुषवाचक सर्वनाम

“जिस सर्वनाम का प्रयोग स्त्री एवं पुरुष दोनों के लिए किया जाता है, ‘पुरुषवाचक सर्वनाम (Personal Pronoun) कहलाता है।’
सर्वनाम का अपना कोई लिंग नहीं होता है। इसके लिंग का निर्धारण क्रियापद से ही होताहै। पुरुषवाचक सर्वनाम के अंतर्गत मैं, तू, आप, यह और वह आते हैं।

नीचे लिखे उदाहरणों को देखें-

  • मैं फिल्म देखना चाहता हूँ।     (पुं)
  • मैं घर जाना चाहती हूँ।         (स्त्री)
  • तू कहता है तो ठीक ही होगा।(पुं०
  • तू जब तक आई तब तक वह चला गया।(स्त्री)
  • आजकल आप कहाँ रहते हैं ?(पुं०
  • आप जहाँ भी रहती हैं खुशियों का माहौल रहता है।(स्त्री०

पुरुषवाचक सर्वनामों की तीन स्थितियाँ (भेद) होती हैं-

1. उत्तमपुरुष :जिस सर्वनाम का प्रयोग बात कहनेवाले के लिए हो ।

जैसे-

मैं कहता हूँ कि नदियाँ सूखती जा रही हैं। इसके अंतर्गत ‘मैं’ और ‘हम’ आते हैं।

2. मध्यम पुरुष : जिस सर्वनाम का प्रयोग उसके लिए हो, जिससे कोई बात कही जाती है। इसके अन्तर्गत तू, तुम और आप आते हैं।

जैसे-

मैंने आपसे कहा था कि वह बीमार नहीं है।

3. अन्यपुरुष : जिस सर्वनाम का प्रयोग उसके लिए हो जिसके विषय में कुछ कहा जाता है।

जैसे-

मैंने आपको बताया था कि वह पढ़ने में बहुत तेज है।
उत्तम पु०     मध्यम पु०       अन्य पु०

2. निजवाचक सर्वनाम

“जिस सर्वनाम का प्रयोग कर्ता कारक स्वयं के लिए करता है, उसे ‘निजवाचक सर्वनाम’(Reflexive Pronoun) कहते हैं।”

इसके अंतर्गत आप, स्वयं, खुद, स्वतः आदि आते हैं ?

नीचे लिखे उदाहरणों को देखें-

आप कहाँ से आ रहे हैं?

विश्लेषण : इस वाक्य में ‘आप’ का प्रयोग किसी पुरुष के लिए होने के कारण यह क सर्वनाम’
मैं आप चला जाऊँगा।

विश्लेषण : यहाँ ‘मैं’ कर्ता ने ‘आप’ का प्रयोग स्वयं के लिए किया है। इस कारण यह
निजवाचक के अंतर्गत आएगा।

3.निश्चयवाचक सर्वनाम

“जिस सर्वनाम से किसी वस्तु या व्यक्ति अथवा पदार्थ के विषय में ठीक-ठीक और निश्चितज्ञान हो, ‘निश्चयवाचक सर्वनाम’ (Demonstrative Pronoun) कहलाता है।’

इस सर्वनाम के अन्तर्गत ‘यह’ और ‘वह’ आते हैं। ‘यह’ निकट के लिए और ‘वह’ दूरके लिए प्रयुक्त होते हैं।
नोट : ‘यह’ और ‘वह’ पुरुषवाचक सर्वनाम भी हैं और निश्चयवाचक भी।

नीचे दिए गएउदाहरणों और विश्लेषणों को देखें:-

  • आजकल यह कुछ नहीं खाता-पीता है।
  • वह एकबार फिर दौड़ प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रहा।
  • विश्लेषण : उक्त दोनों वाक्यों में ‘यह’ और ‘वह’ का प्रयोग पुरुषों के लिए होने के कारणदोनोंपुरुषवाचक के अंतर्गत आएँगे।
  • यह गाय है। वह बिलायती चूहा है।

विश्लेषण : उपर्युक्त दोनों वाक्यों मे

4. अनिश्चयवाचक सर्वनाम

वह सर्वनाम, जो किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति का बोध नहीं कराए, ‘अश्चियवाचकसर्वनाम’ (Indefinite Pronoun) कहलाता है।”
इस सर्वनाम के अंतर्गत ‘कोई’ और ‘कुछ’ आते हैं।

जैसे-

आपके घर पर कोई आया है। कुछ दे दीजिए। कुछ काम करो।

5. प्रश्नवाचक सर्वनाम

“जिस सर्वनाम का प्रयोग प्रश्न करने के लिए किया जाय, ‘प्रश्नवाचक सर्वनाम’(Interrogative Pronoun) कहलाता है।”
इसके अंतर्गत ‘कौन’ और ‘क्या’—ये दो सर्वनाम आते हैं। ‘कौन’ का प्रयोग सदैव सजीवोंके लिए और ‘क्या’ का प्रयोग निर्जीवों के लिए होता है जैसे—
देखो तो कौन आया है ?
आपने क्या खाया है?

6. संबंधवाचक सर्वनाम

“जिस सर्वनाम से एक शब्द या वाक्य का दूसरे शब्द या वाक्य से संबंध जाना जाता है,
उसे ‘सबंधवाचक सर्वनाम’ (Relative Pronoun) कहते हैं।”

इसके अंतर्गत ‘जो’ और ‘सो’ आते हैं । अब ‘सो’ के स्थान पर ‘वह’ का प्रयोग होने लगा है। नीचे लिखे वाक्यों को देखें-

जो जागेगा सो पावेगा, जो सोवेगा सो खोवेगा (पु० हिन्दी) जो जागेगा वह पाएगा, जो सोएगा वह खोएगा।

(आ० हि.) जो के अन्य रूप भी होते हैं।

जैसे-
जिसका, जो कि, जिसको, जिन्होंने, जिनके आदि ।

लेख के बारे में-

इस आर्टिकल में हमने “सर्वनाम किसी कहते है ” के बारे में पढे। अगर इस Notes रिसर्च के बाद जानकारी उपलब्ध कराता है, इस बीच पोस्ट पब्लिश करने में अगर कोई पॉइंट छुट गया हो, स्पेल्लिंग मिस्टेक हो, या फिर आप-आप कोई अन्य प्रश्न का उत्तर ढूढ़ रहें है तो उसे कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएँ अथवा हमें notesciilgrammars@gmail.com पर मेल करें।

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