वाक्य संश्लेषण किसी कहते हैं ?परिभाषा ,उदाहरण सहित

वाक्य संश्लेषण क्या हैं  ?परिभाषा ,उदाहरण सहित

“पृथक पृथक् वाक्यों, वाक्यांशों को मिलाकर एक वाक्य बना देना ही वाक्य संश्लेषण  कहलाता है।”

वाक्य संश्लेषण में अनेक सरल वाक्यों को एक सरल वाक्य में, एक मिश्र अथवा एक  सयुक्त वाक्य में संश्लेषित किया जा सकता है। वाक्य संश्लेषण के लिए निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना चाहिए-

1. समापिका क्रिया को पूर्वकालिक क्रिया में बदल देना चाहिए।
2. भिन्न भिन्न वाक्यों में जो संबंध है, उन्हें आपस में जोड़ देना चाहिए।
3. भिन्न वाक्यों के संज्ञा एवं विशेषण को पदबंध बना देना चाहिए।
4. संबंधबोधक अव्ययों की सहायता से कई वाक्यों को संयुक्त करना चाहिए।
5. पुनरावृत्ति से बचना चाहिए । आवश्यकता पड़ने पर उपसर्गों और प्रत्ययों के योग है
नये शब्दों का गठन कर लेना चाहिए।

नीचे लिखे उदाहरणों पर ध्यान दें- 

अनेक सरल वाक्यों का एक वाक्य में संश्लेषण :

नावकोठी एक गाँव है।        इस गाँव में एक मैदान है।
मैदान बड़ा है।                    लड़के गेंद खेल रहे हैं।
वे संख्या में दस हैं।              वे नेकर पहने हैं।
नेकर का रंग नीला है।          गेंद कॉस्को कम्पनी की है।

संश्लिष्ट वाक्य :

नावकोठी गाँव के बड़े मैदान में नीले नेकर पहने दस लड़के कॉस्को कम्पनी की गेंद खेल रहे हैं।
आगरा उत्तर प्रदेश में स्थित है।
आगरे में ताजमहल है।
ताजमहल बहुत सुन्दर और दर्शनीय है।
विश्व के कोने-कोने से पर्यटक इसे देखने के लिए आते हैं।

संश्लिष्ट वाक्य :

उत्तर प्रदेश के आगरे में सुन्दर और दर्शनीय ताजमहल को देखने के लिए

विश्व के कोने-कोने से पर्यटक आते हैं।
उड़ीसा में एक छोटा-सा शहर है।
शहर चारों ओर पहाड़ियों से घिरा है।
उस शहर के अधिकांश लोग गरीब हैं।

संश्लिष्ट वाक्य :

उड़ीसा का वह छोटा-सा शहर जहाँ के अधिकांश लोग गरीब हैं, चारों ओर पहाड़ियों से घिरा है।

या, उड़ीसा के उस छोटे शहर के अधिकांश लोग गरीब हैं, जो चारों ओर पहाड़ियों स घिरा है।
या, उड़ीसा का वह छोटा शहर जो पहाड़ियों से घिरा है, के अधिकांश लोग गरीब हैं।
या, चारों ओर पहाड़ियों से घिरे उड़ीसा के एक छोटे शहर के अधिकांश लोग गरीब हैं।
नोट : वाक्य-संश्लेषण का कोई खास निर्णायक नियम नहीं है। छात्रों को केवल इस बात  का ध्यान रखना चाहिए कि उनके द्वारा निर्मित वाक्य में पूर्व के खंडों में बिखरी कोई बात छूटन  पाए। इसके लिए अभ्यास बहुत ही जरूरी है।

वाक्य-विश्लेषण

वाक्य-विश्लेषण में वाक्य के अंग अलग-अलग कर दिए जाते हैं और यह दिखाया जाता है कि वे आपस में क्या संबंध रखते हैं।
‘विश्लेषण’ का अर्थ ही होता है—पृथक् करना।
नीचे विभिन्न प्रकार के वाक्यों का विश्लेषण दिया जा रहा है-
सरल साधारण वाक्य का विश्लेषण

सरल वाक्य के विश्लेषण में मुख्यतः चार भाग दिखाए जाते हैं-

1. उद्देश्य
2. उद्देश्य का विस्तार
3. विधेय और
4. विधेय का विस्तार।

विधेय के विस्तार में कर्म, कर्म का विस्तार और विधेयार्थवर्द्धक नाम के तीन भाग किए  जाते हैं। इस प्रकार सब मिलाकर छह भाग हुए :

1. उद्देश्य       2. उद्देश्य का विस्ता        3. क्रिया, और क्रिया अपूर्ण हो तो पूरक भी
4. कर्म       5. कर्म का विस्तार और       6. विधेयार्थवर्द्धक

नोट : “वाक्य-विश्लेषण के कई नाम हैं : वाक्य-विभाजन, वाक्य-पृथक्करण, वाक्य-विग्रह,   वाक्यविच्छेद आदि ।

जैसे-

1. मोहन का भाई मेरी पुस्तक धीरे-धीरे पढ़ता है ।
2. वह कुत्ता परसों से पागल हो गया है ।
3.आए हुए मनुष्य ने पाठशाला में मुझे एक चित्र दिखाया।
4. बिना सफाई के जीना मुश्किल है।
5. छिपे हो कौन-से पर्दे में, बेटा ।
6एक सेर दूध, ठीक होगा।
7. मुझे कल रुपये देने पड़ेंगे।

मिश्रवाक्यों का विश्लेषण

मिश्रवाक्यों में पहले यह ढूँढ़ना होता है कि कौन-सा अंश प्रधान है और कौन-सा उपवाक्य है। फिर उपवाक्य को पद विशेष समझकर समूचे वाक्य का विश्लेषण ‘सरल वाक्य’ के समान  करना पड़ता है। इसके पीछे उपवाक्य का भी विश्लेषण सरल वाक्य के समान करना पड़ता है।

नीचे लिखे उदाहरणों का विश्लेषण देखिए-

1. रणवीर कहता है कि शीघ्र पढ़ो।
2. मेरा भाई, जो यहाँ बैठा था, परसों आया है।
3. जब झूरी का बैल आता है तब काली गाय जाती है।

वाक्य भेद  क्रिया 
रणवीर कहता है कि शीघ्र पढ़ो। रणवीर (तुम ) पढ़ो 
मेरा भाई, जो यहाँ बैठा था, परसों आया है। भाई  जो आया बैठा  था  

इसी तरह इन मिश्रवाक्यों का विश्लेषण:

1. मुख्य मंत्री ने कहा कि मैं इस्तीफा देना चाहता हूँ।
2. मेरा स्वभाव वैसा नहीं है, जैसा आप समझते हैं।
3. जब तक शरीर में प्राण रहेंगे, तब तक जंग जारी रहेगी।
4. हमें उतना ही पैर फैलाना चाहिए जितनी लंबी चादर है।
5. यद्यपि वह बीमार है तथापि परीक्षा देगा।
6. हम सभी जानते हैं कि अभी विश्व आर्थिक मंदी से गुजर रहा है।
7. जो बच्चों पर दया नहीं करते, वे बड़े संगदिल होते हैं।

संयुक्त वाक्यों का विश्लेषण

संरचना की दृष्टि से संयुक्त वाक्य दो या अधिक स्वतंत्र वाक्य किसी योजक से जुड़े होते हैं । अतः संयुक्त वाक्य के विश्लेषण के लिए पहले योजक को निकालकर सभी स्वतंत्र वाक्यों को पृथक कर दिया जाता है। यदि संयुक्त वाक्य सरल वाक्यों बना हो तो सरल वाक्य की रीति से और यदि मिश्र वाक्यों से बना हो तो मिश्रवाक्य की रीति से विश्लेषण करना चाहिए ।

जैसे-
1 राम पढ़ेगा, पर भोजन नहीं करेगा।
2 श्याम दुष्ट है, इसलिए जब वह आता है, मैं चल देता हूँ।
3. जब बच्चा रोता है, माँ आती है और जब सोता है, चली जाती है।

वाक्य भेद  योजक 
राम पढ़ेगा, पर भोजन नहीं करेगा। सरल पर
श्याम दुष्ट है, इसलिए जब वह आता है, मैं चल देता हूँ। सरल मिश्रवाक्य इसलिए
जब बच्चा रोता है, माँ आती है और जब सोता है, चली जाती है। मिश्रवाक्य और

निम्नलिखित वाक्यों का वाक्य-विश्लेषण करें:

1. चातक-पुत्र ने कहा कि समय सदा एक-सा नहीं रहता इसलिए हमें अपने व्रत का परित्याग
2 मैं उन्हें नहीं जानता और न ही वे मुझे जानते हैं।
3 वह पढ़ता ही नहीं था, फिर भी पास कर गया।
4 . राधा के जीवन में आपदा आने पर भी कोई सगा संबंधी उसकी सहायता न कर सका; किन्तु मैंने की।
5 शाम हुई और तारे निकल पड़े।
6 धन से आदमी सुखी तो होता है; किन्तु वह संतुष्ट नहीं होता।
7 यदि घोड़े पर चढ़नेवाला हर कोई घुड़सवार होता तो मैं भी एक सफल घुड़सवार होता, किन्तु ऐसा न कभी हुआ है।

लेख के बारे में-

इस आर्टिकल में हमने “वाक्य संश्लेषण ” के बारे में पढे आशा है कि आप को यह पोस्ट पसंद आया होगा  अगर इस Notes रिसर्च के बाद जानकारी उपलब्ध कराता है, इस बीच पोस्ट पब्लिश करने में अगर कोई पॉइंट छुट गया हो, स्पेल्लिंग मिस्टेक हो, या फिर आप-आप कोई अन्य प्रश्न का उत्तर ढूढ़ रहें है तो उसे कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएँ अथवा हमें notesciilgrammars@gmail.com पर मेल करें।

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