पर्यायवाची शब्द की परिभाषा (Paryayvachi Shabd)

 पर्यायवाची शब्द Paryayvachi Shabd

भाषा में जिन शब्दों का अर्थ समान होता है, उन्हें ‘पर्यायवाची शब्द’ कहा जाता है। इस  प्रकार के शब्दों का अर्थ समान होते हुए भी सूक्ष्म विविधता होती है। यानी विभिन्न परिस्थितियाँ, घटनाएँ, विशेषताएँ, प्रयोग आदि के आधार पर भिन्न-भिन्न नाम रखे जाते हैं, जो एक-दूसरे का पर्याय बन जाते हैं।

जैसे—

जल’ से तात्पर्य है बिल्कुल स्वच्छ और पवित्र; परन्तु ‘नीर’ वह जल है जो देवताओं पर चढ़ाने के बाद नीचे गिरा हुआ होता है । ‘पानी’ का अर्थ है-सामान्य जल, जो गंदा या स्वच्छ दोनों हो सकता है। इसी तरह ‘शिव’ के विभिन्न पर्यायवाची पर विचार करते हैं तो पाते हैं-

पार्वति : पार्वती के पति होने के कारण नाम

भोला : स्वभाव में निश्छलता के कारण नाम

चन्द्रशेखर : चोटी पर चन्द्रमा धारण करने के कारण नाम

नीलकंठ : जहर-पान करने कंठ के नीले हो जाने के कारण नाम

शिव: कल्याणकारी होने के कारण

जटाधारी : जटा धारण करने के कारण नाम

शंकर -: शम् करने के कारण नाम

कैलाशपति : कैलाश पर्वत पर निवास करने के कारण नाम

त्रिपुरारि : त्रिपुर के शत्रु होने के कारण नाम

नीचे कुछ शब्दों के पर्यायवाची शब्द दिए जा रहे हैं-

असुर- दैत्य, दानव, दनुज, इन्द्रारि, राक्षस, आशर, रात्रिचर ,

अमृत- पीयूष, सुधा, अमिय, जीवनोदक, अमित, जीवन

आग-पावक, दहन, अनल, ज्वलन, अग्नि, वैश्वानर, वनि, धनंजय, रोहिताश्व, वायुसखा, कृशानु, धूमकेतु ,

आकाश-ख, नभ, गगन, अम्बर, व्योम, आसमान, अनन्त, धुलोक, तारापथ, अभ्र

आधीरात- अर्धरात्र, निशीथ, मध्यरात्र

आत्मा – आतमा, पुरुष, प्राण, जीवन, हंस

आश्चर्य – विस्मय, अचरज, अद्भुत

अहंकार- गर्व, अभिमान, घमण्ड, अहं, दर्प

अपमान- उपेक्षा, अनादर, परिभव, परिभाव, अवज्ञा, रीढ़ा, अवमानना ।

अंधकार-  अँधेरा, ध्वान्त, तम, तिमिर

अजगर – शयु, वाहस, सर्पराज, नागराज

अतिथि- पाहुन, अभ्यागत, मेहमान, आगन्तुक

अनुपम- अपूर्व, अतुल, अद्वित

अशव -घोड़ा, घोटक, तुरंग, सैंधव, हय, बाजि

आँख- नेत्र, नयन, लोचन, विलोचन, चक्षु, दृग, अक्षि, अंबक

आम- आम्र, रसाल, सहकार, अमृतफल, अतिसौरभ

आनंद -मोद, आमोद, प्रमोद, हर्ष, सुख, प्रसन्नता

अद्भुत-अतुल, अनुपम, अनोखा, अपूर्व, न्यारा, निराला, विलक्षण

अन्वेषण- अनुसंधान, खोज, गवेषण, जाँच, छानबीन, शोध

अनी- सेना, फौज, दल, कटक, चमू, कुमक

इच्छा -वांछा, आकांक्षा, मनोरथ, अभिलाषा, चाह, कामना, ईप्सा, ईहा

इंद्र -पुरन्दर, शक्र, वासव, सुरेश, देवराज, शचीपति, मघवा, महेन्द्र, सुरपति, देवेन्द्र

ईश्वर- ईश, जगदीश, परमेश्वर, परमात्मा, प्रभु, भगवान्, सच्चिदानंद

उन्नति- उत्थान, प्रगति, अभ्युदय, विकास, वृद्धि, उत्कर्ष

उत्सव -उद्धर्ष, मह, जश्न, उद्धव

उद्यान- उपवन, वाटिका, बाग, बगीचा, बगिया, आराम

ओस-नीहार, तुषार, हिम, प्रालेय, मिहिका, पाला

कपड़ा- वस्त्र, पट, वसन, अम्बर, चीर, अंशुक

कमल -पद्म, अरविन्द, नलिन, सरसिज, सरोज, राजीव, जलज, शतदल, पंकज, तामरस, अब्ज

किरण- मयूख, अंशु, रश्मि, मरीचि, कर, प्रभा, अर्चि

कुबेर -किन्नरेश, यक्षराज, धनद, धनाधिप, राजराज, धनाधीश, नरवाहन

कामदेव- अनंग, रतिपति, काम, मदन, मनोज, मन्मथ, अतनु, कंदर्प, पुष्पधन्वा

कार्तिकेय- महासेन, शरजन्मा, षडानन, स्कंद, गुह

कल्याण -शिव, मंगल, शुभ, भद्र, भविक

कृष्ण- माधव, मुरारि, वासुदेव, कन्हैया, श्याम, नंदनंदन, श्यामसुन्दर, गोपाल, कंसारि, मुरलीधर

कसम-सौगंध, प्रण, प्रतिज्ञा, शपथ, शपन

कीर्ति-यश, ख्याति, समज्ञा

क्रोध-कोप, अमर्ष, रोष, प्रतिघा, गुस्सा

कपट- व्याज, दम्भ, उपधि, कैतव, छद्म

किनारा-तट, तीर, कूल, रोध, प्रतीर

कीचड़ -कर्दम, निषद्वर, जम्बाल, पंक, शाद

काई -जलनीली, शेवाल, शैवल, सिंवार

कठोर-कर्कश, क्रूर, परुष, निष्ठुर

किताब-पुस्तक, ग्रन्थ, पोथी, विद्यागार

कोयल -कोकिल, काकली, पिक, वनप्रिया

कोमल -मृदु, मसृण, नरम, मुलायम, अरुक्ष

कौशल- पटुता, दक्षता, निपुणता, पाटव, नैपुण्य

कहानी-किस्सा, गाथा, कथा, वार्ता

चाँदनी-चन्द्रिका, ज्योत्स्ना, चन्द्रप्रभा, कौमुदी

चिडिया-खग, विहग, पक्षी, पंछी, चटका, द्विज, शकुनि, शकुन्त, खेचर

चूहा-मूषक, आखू, गणेशवाहन

चोर-स्तेन, तस्कर, दस्यु, खनक, साहसिक, रजनीचर

छिपना- अन्तर्धा, अपवारण, अपिधान, प्रच्छन्न, गुप्त

जन्म- जनु, उत्पन्न, जनन, उत्पत्ति, उद्भव

जल- नीर, तोय, सलिल, अंबु, पानी, जीवन, वारि, पय

झंडा- ध्वज, ध्वजा, परचम, पताका, केतन

झील-कासार, सरसी, सर, सरस्

डाली-टहनी, शाखा, डाल

डर-भय, भीति, त्रास, भी,

तालाब-सर, सरोवर, तड़ाग, पुष्कर, पद्माकर, जलाशय

तरंग-लहर, लहरी, ऊर्मि, हिल्लोल

तलवार-असि, करवाल, कृपाण, खंग, खड्ग

तमाशा-कौतूहल, कौतुक, कुतुक, कुतूहल

थोड़ा-स्तोक, ईषत्, किंचित्, अल्प, न्यून, ऊन

दास-अनुचर, चाकर, नौकर, भृत्य, सेवक, परिचारक

दुःख-पीड़ा, व्यथा, कष्ट, संकट, शोक, क्लेश, वेदना, यंत्रणा

द्रव्य-धन, वित्त, सम्पदा, विभूति, दौलत, वैभव, संपत्ति, अर्थ, विभव, वसु

दुर्गा-चंडिका, वागीश्वरी, घात्री, कुमारी, कल्याणी, अम्बा, अम्बिका, अम्बालिका

दिन-दिवस, वासर, तिथि, तारीख, वार, अहन्

दया-अनुकम्पा, करुणा, कृपा, प्रसाद

दावानल-दाव, दव, दावाग्नि, वनहुताशन

दासी-नौकरानी, परिचारिका, सेविका, भृत्या

धूप-द्योत, आतप, घाम, त्विष, भा

धनुष-कमान, कामर्क कोदंड, चाप, धनु

नती-निरिणी, कूलंकषा

पत्नी- भार्या, दारा, कलत्र, वधू, जाया, प्रिया, वल्लभा, आर्धागिनी, प्रियतमा, रूप

पत्थर- अश्म, पाषाण, प्रस्तर, उपल, शिला

पिता-त, जनक, बाप, जन्मदाता, बापू, बाबूजी

पृथ्वी-भू, भूमि, धरा, वसुधा, वसुंधरा, धरती, मही

पेड़-पादप, गाछ, तरु, तरुवर, वृक्ष, दरख्त

पुष्प-फूल, कुसुम, सुमन, प्रसून, पुहुप

प्रकाश-प्रभा, द्युति, ज्योति, आभा, रुचि, भा

बाण-तीर, शर, विशिख, आशुग, शिलीमुख, इषु

बिजली-चंचला, चपला, दामिनी, विद्युत्, सौदामनी, क्षणप्रभा

ब्रह्मा-आत्मभू, स्वयंभू, चतुरानन, सृष्टिकर्ता, पितामह, लोकेश, विधि, विधाता, हिरण्य-

विष्णु-नारायण, जनार्दन, चक्रपाणि, विश्वंभर, दामोदर, माधव, केशव, गोविन्द, पीता-

विष-गरल, काकोल, क्ष्वेड, हलाहल, दरिद, जहर

बिल-कुहर, शुषिर, विवर, छिन्द्र, वपा

वेश्या-गणिका, कुलटा, अगम्या, रंडी

बुद्धि-मनीषा, धी, प्रज्ञा, मति, प्रेक्षा, चेतना

बादल-अभ्र, मेघ, वारिवाह, बलाहक, धाराधर, जलधर, वारिद, घन, जीमूत, जलद

वायु-हवा, समीर, समीरन, पवन, मारुत, वात

वज-कुलिश, भिदुर, पवि, शतकोटि, अशनि

बलदेव-बलभद्र, बलराम, हलधर, रेवतीरमण, कामपाल, हलायुध, नीलाम्बर, दाऊ

भाग्य-दैव, दिष्ट, नियति, विधि, नसीब, मुकद्दर, किस्मत

भौंरा-अलि, चंचरीक, भ्रमर, द्विरेफ, मधुप, ग, मधुकर

मछली-मत्स्य, झख, मीन, सफरी, जलजीवन

महादेव-शम्भु, पशुपति, भूतेश, शिव, शंकर, चन्द्रशेखर, भव, गिरीश, हर, भोला, पार्वति

मुनि-यती, अबधूत, संन्यासी, तापस, ऋषि, वैरागी, सन्त, महात्मा, साधु

मोक्ष-मुक्ति, कैवल्य, निर्वाण, अपवर्ग, परमधाम

माता-जननी, माँ, मातृ, अम्मा, मम्मी, अम्बा

मित्र-दोस्त, सखा, सुहृद, सहचर, मीत, साथी

मुँह-मुख, आस्य, वक्त्र, वदन, आनन, तुण्

मोर-मयूर, मेहप्रिय, मेहानृत्तक, महनर्तक, पक्षिराज

यमराज-प्रेतराट्, धर्मराज, पितृपति, कृतान्त, शमन, यम, काल, दण्डधर

यमुना-कालिन्दी, सूर्यतनया, जमुना, शमनस्वसा

राजा-भूप, नृप, महीप, महीपति, नरेश, भूपति, राव, सम्राट

लक्ष्मी-चंचला, पद्मा, कमला, श्री, हरिप्रिया, रमा, भार्गवी

लगातार- सतत, अनवरत, अश्रान्त, अविराम, अविरत, नित्य

शब्द- निनाद, नाद, ध्वनि, आवाज़, निर्घोष

साँप-भुजंग, सर्प, अहि, विषधर, ब्याल, चक्षुश्रवा, काकोदर, फणी

समाचार-वार्ता, संदेश, खबर, वृत्तान्त

स्वर्ग-सुरलोक, नाक, धुलोक, देवलोक, जन्नत

स्त्री-नारी, महिला, वनिता, ललना, कान्ता, अंगना, रमणी, कलत्र

सिंह-हरि, केसरी, पशुराज, गजेन्द्र, मृगेन्द्र, शार्दूल, व्याघ्र, महावीर, शेर

हवा-वात, पवन, समीर, वायु, समीरण, अनिल

हाथी-गज, मतंग, नाग, दन्ती, कुंजर, हस्ती

ओष्ठ-अधर, होठ, रद-पट

कोष-खजाना, भंडार, निधि

कौआ-काग, काक,, वायस

जीभ-जिह्वा, रसना, जबान

लेख के बारे में-

इस आर्टिकल में हमने “पर्यायवाची शब्द की परिभाषा” के बारे में पढे। अगर इस Notes रिसर्च के बाद जानकारी उपलब्ध कराता है, इस बीच पोस्ट पब्लिश करने में अगर कोई पॉइंट छुट गया हो, स्पेल्लिंग मिस्टेक हो, या फिर आप-आप कोई अन्य प्रश्न का उत्तर ढूढ़ रहें है तो उसे कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएँ अथवा हमें notesciilgrammars@gmail.com पर मेल करें।

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